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मार्च 2024 में खनन दोबारा शुरू होने के बाद अब तक का सबसे बड़ा जेम श्रेणी का हीरा
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जानकारों के मुताबिक करीब 2 करोड़ रुपये हो सकता है अनुमानित बाजार मूल्य
शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना की रत्नगर्भा धरती ने एक बार फिर अपनी हीरा संपदा की चमक दुनिया के सामने ला दी है। जिले के मझगवां में संचालित एनएमडीसी लिमिटेड की हीरा खनन परियोजना (DMP) में 15 सितंबर 2026 को 27.29 कैरेट का जेम क्वालिटी प्राकृतिक हीरा प्राप्त हुआ है। मार्च 2024 में खनन कार्य दोबारा शुरू होने के बाद यह परियोजना से प्राप्त अब तक का सबसे बड़ा जेम श्रेणी का डायमंड है। एनएमडीसी की जानकारी के अनुसार यह कंपनी द्वारा पन्ना में अब तक उत्पादित दूसरा सबसे बड़ा हीरा भी है। डायमंड ज्वैलरी कारोबार से जुड़े जानकारों के अनुसार हीरे का अनुमानित बाजार कीमत करीब 2 करोड़ रुपये हो सकती है। हालांकि वास्तविक कीमत नीलामी के दौरान हीरे की गुणवत्ता, कटिंग-पॉलिशिंग की संभावनाओं और बाजार की मांग के आधार पर तय होगी।
13.16 कैरेट का रिकॉर्ड टूटा
मझगवां हीरा खदान में जुलाई 2026 में ही 13.16 कैरेट का जेम क्वालिटी प्राकृतिक हीरा मिला था। मार्च 2024 में खदान का परिचालन दोबारा शुरू होने के बाद उस समय यह परियोजना से प्राप्त सबसे बड़ा जेम श्रेणी का हीरा था। इससे पहले इसी अवधि में 10.04 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा मिलने का रिकॉर्ड था। अब महज दो महीने बाद मिले 27.29 कैरेट के हीरे ने 13.16 कैरेट के उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। इस तरह मार्च 2024 के बाद जेम क्वालिटी हीरों की श्रेणी में मझगवां परियोजना को लगातार दूसरी बड़ी उपलब्धि मिली है।
टीम एनएमडीसी के लिए एक और गर्व का क्षण
एनएमडीसी ने जुलाई में मिले 13.16 कैरेट के हीरे के बारे में बताया था कि वह किम्बरलाइट अयस्क की नियमित प्रोसेसिंग के दौरान प्राप्त हुआ था। मझगवां परियोजना में हीरा-युक्त किम्बरलाइट अयस्क का यंत्रीकृत तरीके से प्रसंस्करण किया जाता है। 27.29 कैरेट के हीरे की प्राप्ति को लेकर डायमंड माइनिंग प्रोजेक्ट प्रबंधन ने इसे एनएमडीसी की खनन क्षमता, तकनीकी दक्षता और कर्मठ टीम के समर्पित प्रयासों का परिणाम बताया है। प्रबंधन ने कहा कि पन्ना के हीरों की चमक देश का गौरव बढ़ाती रहे। वहीं एनएमडीसी लिमिटेड ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में ‘जुलाई 2026 में 13.16 कैरेट में जेम क्वालिटी हीरे के प्राप्त होने के तुरंत बाद मिली इस सफलता को टीम एनएमडीसी के लिए एक और गर्व का क्षण बताया है।’ बहुमूल्य हीरा मिलने की ख़ुशी डायमंड माइनिंग प्रोजेक्ट मझगवां, पन्ना से लकेर एनएमडीसी मुख्यालय हैदराबाद तक देखी जा रही है।
एशिया की इकलौती यंत्रीकृत हीरा खदान

मझगवां स्थित एनएमडीसी की हीरा खनन परियोजना एशिया महाद्वीप की इकलौती यंत्रीकृत हीरा खदान है, जहां बड़े पैमाने पर उत्कृष्ट प्राकृतिक हीरों का निष्कर्षण किया जाता है। परियोजना के अनुसार यहां संगठित हीरा उत्पादन 1967 में शुरू हुआ, जबकि व्यापक रूप से सुव्यवस्थित उत्पादन 1971-72 से प्रारंभ हुआ। यंत्रीकृत खनन और प्रसंस्करण व्यवस्था के चलते मझगवां परियोजना पन्ना की हीरा संपदा के संगठित दोहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। परियोजना से समय-समय पर जेम क्वालिटी के प्राकृतिक हीरे प्राप्त होते रहे हैं।
सदियों पुरानी है पन्ना की हीरा पहचान






