जंगल के रक्षक ही बने भक्षक: अवैध सागौन कटाई कराने के मामले में वनरक्षक पर प्रकरण दर्ज, निलंबन

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फाइल फोटो।

*    पीटीआर के बफर क्षेत्र में गश्त के दौरान खुला मामला, सुरक्षा श्रमिक भी आरोपी

  सागौन की छिलाई करते समय वन अमले को देख भाग निकले, पहचान में आया बीटगार्ड और श्रमिक

  7 नग सागौन सिल्लियां जब्त कर आरोपियों के विरुद्ध तत्परता से की गई प्रभावी कार्रवाई

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जंगल की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वालों की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए पन्ना टाइगर रिजर्व से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) के पन्ना बफर परिक्षेत्र में अवैध सागौन कटाई कराए जाने के मामले में एक वनरक्षक (बीटगार्ड) के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में एक वन सुरक्षा श्रमिक को भी आरोपी बनाया गया है। सोशल मीडिया पर जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई जानकारी के अनुसार यह मामला दिनांक 8 फरवरी 2026 का है, जब परिक्षेत्र सहायक छापर एवं अन्य वनकर्मियों द्वारा बीट छापर क्षेत्र में नियमित गश्त की जा रही थी। गश्त के दौरान कक्ष क्रमांक पी-293 में कुछ व्यक्तियों को सागौन लकड़ी की छिलाई कर सिल्ली बनाते हुए देखा गया।

भागते समय पहचाने गए दोनों आरोपी

जंगल गश्त के दौरान अचानक वन अमले के मौके पर पहुंचने से सागौन की सिल्लियों को छोड़ आरोपी भाग निकले।
वन स्टाफ द्वारा मौके पर घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन सभी आरोपी घने जंगल का लाभ उठाकर फरार हो गए। हालांकि भागते समय दो व्यक्तियों की पहचान की गई, जिनमें बिहारी पिता रामलगन यादव, निवासी ग्राम बनहरीकलां, जो बीट छापर में समिति सुरक्षा श्रमिक के रूप में कार्यरत है तथा संतोष प्रजापति, पदस्थ वनरक्षक बीटगार्ड छापर शामिल हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के अनुसार इन दोनों की प्रथम दृष्टया अवैध कटाई में संलिप्त पाई गई है। घटनास्थल की तलाशी के दौरान वन विभाग द्वारा सागौन लकड़ी की कुल सात सिल्लियां जब्त की गईं, जिनका कुल घनफल 1.526 घन मीटर बताया गया है। जब्त सामग्री के आधार पर आरोपी बिहारी यादव एवं वनरक्षक संतोष प्रजापति के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया।

प्रतिवेदन के आधार पर तत्काल निलंबन

पूरे घटनाक्रम का प्रतिवेदन परिक्षेत्र अधिकारी पन्ना बफर द्वारा तैयार कर सहायक संचालक मड़ला के माध्यम से 10 फरवरी 2026 को क्षेत्र संचालक कार्यालय भेजा गया। प्रतिवेदन के परीक्षण के बाद प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर वनरक्षक संतोष प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश जारी किए गए। पन्ना टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के उप संचालक वीरेन्द्र कुमार पटेल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा है कि वन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह विभाग का कर्मचारी ही क्यों न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि जंगल की सुरक्षा से जुड़े पदों पर बैठे लोगों से और अधिक जवाबदेही अपेक्षित है।