एक परिसर एक शाला के अन्तर्गत 35113 शालाओं का व्यवस्थापन 16076 परिसरों में किया गया। इससे अधिक विद्यार्थियों को बेहतर अधोसंरचना व प्रबंधन का लाभ प्राप्त हुआ। प्रदेश की 99 प्रतिशत शालाओं में एक ही दिन पालक-शिक्षक संघ की बैठकें आयोजित की गईं जिनमें 34 लाख पालकों की उपस्थिति रही। विद्यार्थियों में आत्म-विश्वास, तार्किक सोच विकसित करने के लिए क्रियान्वित उमंग लाईफ स्किल एजुकेशन में 1874 शालाओं के 5 लाख 62 हजार विद्यार्थियों को सम्मिलित किया गया। बैठक में नेशनल एचीवमेंट सर्वे के निष्कर्ष, दक्षता उन्नयन, शिक्षकों की एक्सपोजर विजिट, शाला सिद्धि योजना, मिशन 1000, शाला दर्पण योजनाओं की जानकारी भी दी गयी।