पन्ना जिले की नगर पंचायत देवेन्द्रनगर में भृत्य के पद पर पदस्थ जगत सिंह घोष निवासी ग्राम करहिया ने पुलिस थाना देवेन्द्रनगर में शिकायत दी थी कि अज्ञात व्यक्ति ने उसका एटीएम कार्ड बदलकर दिनाँक 18 जनवरी 2019 से लेकर 06 फरवरी 2019 तक उसके स्टेट बैंक के खाते से 5 लाख 90 हजार रुपए निकाल लिए। यह राशि अलग-अलग शहरों के एटीएम से निकली गई।शिकायत पर धोखाधड़ी और आई.टी. एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। अपराध की गंभीरता को देखते हुए पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने पन्ना एसडीओपी आर. एस. रावत के नेतृत्व में एक टीम गठित की। धोखाधड़ी कर लोगों की मेहनत की कमाई हड़पने वाले अपराधियों पर पैनी नजर रखने तथा उनकी धरपकड़ के लिए बैंक और एटीएम के आसपास सादे कपड़ों में पुलिस जवानों को तैनात किया गया। पुलिस अधीक्षक ने संदेही आरोपियों के सीसीटीव्ही फुटेज प्रसारित कराकर पीड़ित जगत सिंह के बैंक स्टेटमेण्ट के आधार पर रूपए आहरित करने वाले स्थानों पर जानकारी जुटाने एवं प्रचार-प्रसार करने साइबर टीम व टीम प्रभारी को निर्देशित किया। इस बीच मुखबिर ने पुलिस को शनिवार 29 जून को देवेन्द्रनगर थाना अंतर्गत बड़वारा तिराहा पर सफेद रंग की एक कार में संदिग्ध व्यक्तियों के बैठे होने की सूचना दी गई। पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और आनन-फानन में मौके पर पहुँचकर घेराबंदी करते हुए कार में सवार दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। इनके चेहरे एटीएम से प्राप्त सीसीटीव्ही फुटेज से मेल खा रहे थे।
एटीएम बदलकर धोखधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के सदस्य बड़े ही शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। ये लोग अपने सफर के दौरान बीच-बीच में भीड़भाड़ वाले एटीएम बूथों में घुसकर कभी किसी को राशि निकालने में मदद के नाम पर या फिर धक्का देकर एटीएम गिरा देते थे। फिर सामने वाले व्यक्ति का ध्यान भटकाकर बड़ी ही चालाकी के साथ एटीएम बदल लेते थे और उसका पासवर्ड देख लेते थे। बाद में दूसरे स्थान पर नकद राशि निकाल लेते या फिर स्वैप के माध्यम से रकम हड़प लेते थे। पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि ये उन लोगों को टॉरगेट करते थे जो एटीएम ऑपरेट करने में दक्ष नहीं हैं। धोखाधड़ी में पर्याप्त रुपए मिलने पर ये अपने घर जाकर ऐश-ओ-आराम करते थे। पकड़े गए आरोपियों ने मध्य प्रदेश के मैहर, सतना, रीवा, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, भोपाल, उज्जैन, इंदौर एवं अन्य राज्यों उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली में भी कई स्थानों पर इसी तरीके से धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देने की बात कबूल की है। पुलिस कप्तान ने इस गिरोह का पर्दाफाश होने से उन्होंने इस तरह की घटनाओं में विराम लगने की उम्मीद जताई है। पन्ना पुलिस की इस सफलता की छतरपुर रेन्ज के डीआईजी अनिल महेश्वरी ने सराहना करते हुए पुलिस टीम को 20 हजार रुपए के पुरुष्कार से पुरुस्कृत करने की घोषणा की है।