
अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था में टेक्नोलॉजी की भूमिका महत्वपूर्ण – मुख्यमंत्री श्री चौहान
केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी उदघाटन समारोह
भोपाल। रडार न्यूज़ केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के प्रमुख अंग न्याय, पुलिस और अभियोजन का औपचारिक प्रशिक्षण भी आवश्यक हैं। इस दिशा में भी पहल की जानी चाहिए। हर स्तर का पुलिस बल दक्ष और प्रभावी हो, इसके लिये उनके नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाये। राजनाथ सिंह भोपाल में केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी का उदघाटन कर रहे थे।
राजनाथ सिंह ने कहा कि पुलिसकर्मी को सेवा अवधि के दौरान पाँच-पाँच वर्ष के अंतराल पर प्रशिक्षण मिले। प्रशिक्षण की इस व्यवस्था के लिये करीब दस हजार प्रशिक्षकों की आवश्यकता का आंकलन किया गया है। ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट को इस दिशा में पहल के लिये कहा गया है। केन्द्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्मार्ट पुलिस निर्माण के प्रयासों में ब्यूरो की भूमिका बताते हुए कहा कि टेक्नोलॉजी का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिये। अकादमी के पूर्णत: टेक्नोलॉजी आधारित होने, फाइलों का ऑनलाईन मूवमेंट, जीरो वेस्ट और ट्रीटेड सीवेज वॉटर से सिंचाई आदि प्रयासों की सराहना की। उन्होंने संस्थान में व्यापक वृक्षारोपण की आवश्यकता बतायी और इस काम में राज्य सरकार से सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री चौहान का अकादमी के लिये नि:शुल्क भूमि उपलब्ध कराने के लिये आभार माना। श्री सिंह ने कहा किपुलिस के प्रति आम जनता में विश्वास का ऐसा वातावरण निर्मित हो, जिसमें आमजन थानों को न्याय के मंदिर के रूप में देखें।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा की आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिये पुलिस का नियमित प्रशिक्षण जरूरी है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में आगामी अगस्त माह में वृक्षारोपण अभियान चलाया जायेगा। राज्य पुलिस द्वारा 15 अगस्त को अकादमी में वृक्षारोपण किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान के प्रदेश में स्थित होने का लाभ राज्य के पुलिस बल को भी मिलेगा। हॉक पुलिस बल का प्रशिक्षण संस्थान में होगा। उन्होंने कहा कि देश में नक्सलवादी, आतंकवादी और राष्ट्रविरोधी शक्तियों से ताकत के साथ निपटने के लिये संचालित अभियान की सफलताएँ दिख रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं। इस कार्य में प्रशिक्षण की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। अपराधों के नियंत्रण और कानून-व्यवस्था में टेक्नोलॉजी की भूमिका निरंतर महत्वपूर्ण होती जा रही है। आवश्यक है कि पुलिस बल को भी समय-समय पर अत्याधुनिक साधन-संसाधनों से सम्पन्न किया जाये।
समारोह में अकादमी की परिकल्पना से व्यवहारिक रूप में सामने आने के विभिन्न चरण पर आधारित वृत्त चित्र का प्रदर्शन किया गया। अकादमी 401 एकड़ भू-भाग में फैली है। अकादमी के भवन निर्माण पर 187 और मशीन एवं संसाधनों पर 37 करोड़ रूपये व्यय किये गये हैं।
शुरूआत में केन्द्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री ने पूजन-अर्चन कर परिसर का अवलोकन किया। अतिथियों को पुस्तक और स्मृति-चिन्ह भेंट किये गये। समारोह में राज्य के गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर, सांसद आलोक संजर, विधायक रामेश्वर शर्मा, पुलिस महानिदेशक आर.के. शुक्ला भी मौजूद थे। महानिदेशक ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एण्ड डेवलपमेंट ए.पी. महेश्वरी ने आभार माना।





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