जिला कांग्रेस अध्यक्ष की मनमानी पर PCC ने लगाया पॉवर ब्रेक !

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*    पन्ना जिले के अजयगढ़ एवं धरमपुर ब्लॉक में नए अध्यक्षों की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से किया निरस्त

*    संगठन चुनाव की प्रक्रिया के बीच सक्रिय ब्लॉक अध्यक्षों को हटाने के फैसले से नाराज़ थे क्षेत्र के दिग्गज

*    भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और खनिज मंत्री के क्षेत्र में कांग्रेस की कमान कमजोर आधार वाले युवाओं को सौंपने पर उठ रहे थे सवाल

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पन्ना जिले के अजयगढ़ एवं धरमपुर ब्लॉक में नए अध्यक्षों की नियुक्ति करने के महज 24 घण्टे के अंदर ही दोनों नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। पन्ना विधानसभा क्षेत्र में की गई नए ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति से पार्टी के अंदर उपजी गहरी नाराज़गी और असंतोष के मद्देनज़र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इसे तत्परता से शांत करने के लिए आज यह महत्वपूर्ण फ़ैसला लिया है। प्रदेश कांग्रेस के इस निर्णय को जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना की अध्यक्ष शारदा पाठक की मनमानी पूर्ण कार्यशैली पर शुरूआती स्तर में ही पॉवर ब्रेक (प्रभावी अंकुश) लगाने के तौर पर देखा जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने नए ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति निरस्त करके आपसी सहमति-समन्वय से संगठनात्मक नियुक्तियों की अनुसंशा करने का स्पष्ट संदेश दिया है। ज़ाहिर है, अजयगढ़ एवं धरमपुर ब्लॉक में नए अध्यक्षों की नियुक्ति निरस्त होने से जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और उनके राजनैतिक सलाहकारों को तगड़ा झटका लगा है। वहीं अजयगढ़ और धरमपुर क्षेत्र के कांग्रेसियों ने पार्टी हित में लिए गए इस फैसले का स्वागत किया है।
उल्लेखनीय है कि, वर्तमान में कांग्रेस संगठन में निर्वाचन की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच पन्ना जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती शारदा पाठक के द्वारा संगठन को मजबूत बनाने का हवाला देकर अनेक पदों पर नई नियुक्तियों की अनुसंशा कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को प्रेषित की गई। जिसे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के द्वारा स्वीकार करने पश्चात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर के द्वारा संबंधितों के नियुक्ति आदेश जारी किए गए। जिले में बिना किसी विचार-विमर्श के धड़ाधड़ हो रहीं संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर कांग्रेसजनों में आंतरिक हलचल पिछले कई दिनों से देखी जा रही थी। लेकिन जिला कांग्रेस अध्यक्ष शारदा पाठक को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का वरदहस्त प्राप्त होने की धारणा के चलते स्थानीय पार्टी नेता मनमानी नियुक्तियों पर चुप्पी साधे रहे। दरअसल, उन्हें लगता था कि पीसीसी में उनकी बात सुनीं नहीं जाएगी। मगर यह धारणा पूर्णतः निराधार साबित हुई है।
बताते चलें कि, जिला कांग्रेस अध्यक्ष शारदा पाठक की अनुसंशा पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा पन्ना जिले की पन्ना विधानसभा सीट अंतर्गत आने वाले अजयगढ़ एवं धरमपुर ब्लॉक में अध्यक्ष पद पर क्रमशः मिथिलेश यादव उर्फ़ रवि तथा नरेन्द्र सिंह राजपूत की नियुक्ति की गई। अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व दो नवयुवकों को ब्लॉक अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी देने के पूर्व पार्टी में उनकी सक्रियता, राजनैतिक अनुभव और चुनाव में मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी से मिलने वाली कड़ी चुनौती का सफलता पूर्वक मुकाबला करने की सक्षमता जैसे पहलुओं को नजर अंदाज कर दिया गया।
अंदरखाने चर्चा है कि दोनों युवाओं की नियुक्ति के संबंध में पन्ना के पूर्व विधायक श्रीकांत दुबे, पूर्व प्रत्याशी शिवजीत सिंह व अजयगढ़ जनपद के पूर्व अध्यक्ष भरत मिलन पाण्डेय समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं को भरोसे में नहीं लिया गया। फलस्वरूप, शुक्रवार 29 अप्रैल की शाम जब अजयगढ़ ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पद पर मिथिलेश यादव उर्फ़ रवि और धरमपुर ब्लॉक अध्यक्ष के तौर नरेन्द्र सिंह राजपूत जैसे गुमनाम नवयुवकों की नियुक्ति की खबर आई तो हर किसी का हैरान होना स्वाभाविक था। वहीं इस फैसले से कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का पारा चढ़ गया।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा पन्ना जिले के अजयगढ़ एवं धरमपुर ब्लॉक में नए अध्यक्षों की नियुक्ति निरस्त करने संबंधी जारी पत्र।
सर्वविदित है कि, पन्ना विधानसभा क्षेत्र शिवराज सरकार के खनिज साधन एवं श्रम विभाग के मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह का निर्वाचन क्षेत्र है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं खजुराहो सांसद विष्णु दत्त शर्मा के संसदीय क्षेत्र में पन्ना विधानसभा सीट शामिल है। ऐसे में यह सवाल उठने लगा कि भाजपा के दिग्गज नेताओं के निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस ने कमज़ोर ब्लॉक अध्यक्ष क्यों बनाए ? अगर क्षेत्र में जातिगत समीकरण साधना प्राथमिकता थी तो यादव और लोधी समाज से आने वाले पार्टी में वर्षों से सक्रिय अनुभवी और सक्षम नेताओं को मौका देना चाहिए था। ताकि पार्टी को उसका लाभ मिलता। एक फार्मूला यह भी हो सकता था कि जिला कांग्रेस कमेटी में अजयगढ़-धरमपुर क्षेत्र से ही दोनों जातियों के प्रभावशाली नेताओं को पद दिया जाता या फिर किसी मोर्चा संगठन में नियुक्त देकर जातिगत समीकरण दुरुस्त किए जा सकते थे। लेकिन इन संभावनाओं को जानबूझकर नजर अंदाज करके युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने के नाम पर पार्टी को कमज़ोर करने वाला निर्णय लेते हुए अजयगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष एडवोकेट राकेश गर्ग और धरमपुर ब्लॉक अध्यक्ष शंकर प्रसाद को हटवाकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के द्वारा अपने चहेतों की नियुक्ति करा दी गई।
बिना किसी चर्चा के लिए गए इस फैसले से नाराज क्षेत्र के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने एकराय होकर तुरंत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ जी बात की और उन्हें वस्तु स्थिति से अवगत कराया गया। परिणामस्वरूप प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अजयगढ़ एवं धरमपुर ब्लॉक के अध्यक्षों की नियुक्ति 24 घण्टे के अंदर ही तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी है। इसकी सूचना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के द्वारा पत्र के माध्यम से जिला कांग्रेस अध्यक्ष पन्ना शारदा पाठक एवं संबंधितों को प्रेषित की गई है। पीसीसी के इस फैसले से स्पष्ट है कि, फिलहाल अजयगढ़ में ब्लॉक अध्यक्ष एडवोकेट राकेश गर्ग और धरमपुर ब्लॉक अध्यक्ष शंकर प्रसाद अपने पद पर यथावत बने रहेंगे।

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