कोरोना जांच मशीन को लगाने के लिए चुने गये स्थान को लेकर पन्ना में विवाद देखा गया। बताया गया कि उक्त मशीन को जिला चिकित्सालय परिसर में ही लगना चाहिए, लेकिन पन्ना में इसे जिला मलेरिया व फाइलेलिया कार्यालय में लगाया गया। जिससे यहां के कर्मचारियों में विरोध भी देखा गया। लेकिन यहां मामला कोरोना से जुड़ा होने के कारण कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। आनन-फानन में इस कार्यालय को खाली करने के निर्देश दे दिए गए और बहुत सारा सामान बाहर कर दिया गया। जबकि यह जो भवन बना हुआ है पूर्व सीएमएचओ ऑफिस है, जो छतिग्रस्त हो गया था। जिसे मलेरिया फाइलेरिया विभाग ने अपने हैंडोवर ले लिया था एवं उनके द्वारा इसका जीर्णोद्धार कराया गया। अब सवाल यह उठता है कि जब इस परिसर में वैसे भी मलेरिया फाइलेरिया के अलावा कुष्ठ विभाग खाद्य सहित कई नॉनटेक्निकल विभाग संचालित है, जो पहले से ही लग रहे हैं। परिसर में इतने कमरे नहीं है। यह मशीन लगाई जा सके। इस मशीन के लगने से यहां के कर्मचारियों को स्वयं के संक्रमित होने का भय और चिंता सताने लगी है।