इस अवसर पर मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि एनएमडीसी लम्बे समय से जिले में हीरे का उत्खनन कर रही है। यह एशिया महाद्वीप की एक मात्र ऐसी खदान है जो पूरी तरह आधुनिक, तकनीकी संचालित है। इस परियोजना द्वारा खदान क्षेत्र के आसपास बहुत सारे समाज सेवा के कार्य किए जाते हैं। समीप के गांव में शिक्षा, पेयजल, परिवहन आदि की सुविधाएं दी जा रहीं हैं। इसके अलावा इनके द्वारा जिला चिकित्सालय में निरंतर सहयोग प्रदान किया जा रहा है। आगे भी अन्य सहयोग प्रदान करते रहेंगे। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि परियोजना प्रबंधक द्वारा मैंने चर्चा करते हुए कहा है कि नगर मुख्यालय पर कोई ऐसा काम किया जाए जिससे जिला मुख्यालय में पहचान बन सके। इसके लिए धरम सागर तालाब के चारों ओर पाथ-वे बनाने के संबंध में कहा गया है। इस पर परियोजना प्रबंधक द्वारा कार्य कराने का आश्वासन दिया गया है।
कार्यक्रम में हीरा खनन परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक एनएमडीसी एस.के. जैन ने कहा कि परियोजना को आगे संचालित रखने की स्वीकृति प्राप्त हो जाने पर यह परियोजना निरंतर सामाजिक कार्यों में अपना सहयोग करती रहेगी। सम्पन्न हुए कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रबंधक भूपेन्द्र कुमार द्वारा उपस्थितों के प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में हीरा खनन परियोजना के श्रमिक संघ के पदाधिकारी समरबहादुर सिंह, भोला प्रसाद सोनी, सोमेन्द्र प्रताप सिंह, सिविल सर्जन डाॅ. व्ही.एस. उपाध्याय, डाॅ. गुंजन सिंह, अन्य चिकित्सकगण, पत्रकारगण एवं चिकित्सा विभाग के अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।