MP | पीटीआर में युवा गर्भवती बाघिन की संदेहास्पद मौत

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पन्ना टाइगर रिजर्व का हिनौता स्थित प्रवेश द्वार।

*   परिक्षेत्र अमानगंज बफर की बीट रमपुरा में मृत अवस्था में मिली बाघिन

*   बाघिन पी- 213 (63) के कंधे व गर्दन पर चोट के कई निशान पाए गए

*   पन्ना टाइगर को रिजर्व को महीने भर में उठानी पड़ी दूसरी बड़ी क्षति

*   कुछ दिन पूर्व पन्ना के युवा बाघ हीरा का सतना के जंगल में हुआ था शिकार

शादिक खान, पन्ना। (www.radarnews.in) मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व से आज एक दुखद खबर आई है। पार्क के वन परिक्षेत्र अमानगंज बफर की बीट रमपुरा बफर में तीन वर्षीय युवा बाघिन पी- 213 (63) की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई। बाघिन के शरीर पर कंधे व गर्दन के पास चोट के कई निशान और गहरे घाव पाए गए हैं। पोस्टमार्टम से पता चला है कि युवा बाघिन गर्भवती थी। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन के लिए युवा गर्भवती बाघिन की मौत को बड़ी क्षति के तौर पर देखा जा रहा है। क्योंकि, वह पहली बार गर्भवती हुई थी। महीने भर में बाघ की मौत की यह दूसरी घटना है। इसके पूर्व पन्ना के चर्चित बाघ हीरा का पड़ोसी जिला सतना के जंगल में करंट लगाकर शिकार किए जाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ था।
पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक उत्तम कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व में जन्मी व पली-बढ़ी बाधिन पी- 213 (63) बुधवार 10 नवम्बर को लगभग 1 बजे गश्ती के दौरान परिक्षेत्र अमानगंज बफर की बीट रमपुरा बफर के कक्ष क्रमांक- 1357 में मृत अवस्था में पाई गई। सूचना प्राप्त होते ही क्षेत्र संचालक, उप संचालक, पन्ना टाइगर रिजर्व एवं वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. संजीव गुप्ता एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया गया। मौके पर किसी भी अवैध गतिविधि के कोई साक्ष्य नहीं पाये गये। अधिकारियों की उपस्थिति में मृत बाधिन का पोस्टमार्टम उपरान्त जंगल में दाह संस्कार किया गया।
क्षेत्र संचालक श्री शर्मा का कहना है कि, प्रथम दृष्ट्या बाघिन की मृत्यु प्राकृतिक प्रतीत होती है। हालाँकि उन्होंने मोबाइल चर्चा में रडार न्यूज़ को एक सवाल के जवाब में बताया कि मृत बाघिन के कंधे व गर्दन के आसपास चोट के कई निशान और घाव पाए गए हैं। जिनमें कंधे का घाव काफी गहरा था। सैटेलाइट कॉलर वाली इस युवा बाघिन के शरीर पर चोट के निशान- घाव कब और कैसे उभरे? इस सवाल का क्षेत्र संचालक ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने एवं विभिन्न प्रयोशालाओं से बिसरा आदि की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर ही बाघिन की मौत को लेकर वस्तु स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उल्लेखनीय है कि पार्क के रमपुरा इलाके में महज दो साल में बाघ की मौत की यह दूसरी घटना है। इसके पूर्व क्षेत्र संचालक के.एस. भदौरिया के कार्यकाल में रमपुरा वन रक्षक आवास के समीप एक नर बाघ की मौत के कई दिनों बाद उसका कंकाल बरामद हुआ था।

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