प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना के समय वृद्ध दंपती घर के अंदर सो रहे थे। थाना प्रभारी गुनौर माधवी अग्निहोत्री ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए कमरे के भीतर आग जलाई गई थी। देर रात दोनों की आंख लग गई और संभवतः उसी दौरान आग भड़क उठी। कुछ ही पलों में आग ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। आग की तेज लपटों में घिरी वृद्ध महिला बाहर नहीं निकल सकीं और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
आग लगते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैल चुकी थी। सूचना मिलने के बावजूद फायर ब्रिगेड समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकी, जिससे आग पर काबू पाने में देर हुई और बड़ा दुखद हादसा हो गया। घटना की सूचना पर गुनौर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल सका है। वहीं गांव में कुछ लोग इस दर्दनाक हादसे को संदेहास्पद भी मान रहे हैं, जिसे लेकर पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। इस घटना के बाद पूरे गांव सहित अंचल में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से फायर ब्रिगेड की त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है।