
सोशल ऑडिट से 4 महत्वपूर्ण योजनाओं की जमीनी सच्चाई उजागर


सार्वजानिक वितरण प्रणाली अंतर्गत 12 पात्र परिवारों को निर्धारित पात्रता से कम राशन दिया जा रहा है तथा इस परिवारों के नाम 285 किलो राशन विगत तीन माह (सितम्बर, अक्टूबर और नवम्बर) में अधिक वितरण दर्ज किया गया है | इस बिषय पर संबधित हितग्राहियों ने प्राप्त राशन की जानकारी दी गई। पात्रता से कम राशन प्राप्त करने वाले 12 परिवारों में 09 अनुसूचित जनजाति एवं 03 पिछड़ा वर्ग के परिवार है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 के अध्याय 6 के बिंदु 13 के अंतर्गत परिवार की वयस्क महिलाओं को परिवार का मुखिया बनाये जाने की अनिवार्यता है। लेकिन 322 खाद्य सुरक्षा के पात्र परिवारों में से मात्र 61 महिला मुखिया तथा 261 परिवारों के मुखिया पुरुष है। जबकि परिवार में वयस्क महिलायें है। अनुसूचित जाति, जनजाति के 91 पात्र परिवारों में से 263 सदस्यों के नाम पात्रता राशन पर्ची से छूटे हुए है | इन परिवारों को छूटे हुए सदस्यों का राशन प्राप्त नहीं हो रहा है। इसके अलावा सोशल ऑडिट में यह भी बात निकलकर आई है कि अनुसूचित जाति के 2 परिवार के 5 एवं अनुसूचित जनजाति के 21 परिवारों के 97 सदस्य है जो पात्रता रखते हुए भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा का हक नहीं ले पा रहे है।
विकास संवाद संस्था द्वारा संचालित दस्तक परियोजना के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 में सम्मलित हकदरियों के सन्दर्भ में सामाजिक संपरीक्षा सभा का आयोजन सोमवार 20 दिसंबर को ग्राम पंचायत भवन सुनहरा में किया गया। इस सभा के दौरान कानून में सम्मिलित सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना, मध्यान्ह भोजन एवं समेकित बाल विकास सेवाओं की स्थिति का प्रतिवेदन संपरीक्षा दल (ऑडिट दल) के द्वारा प्रस्तुत किया गया। संपरीक्षा दल द्वारा यह प्रतिवेदन चारों योजनाओं के हितग्राहियों के घर जा कर दस्तावेजों का अवलोकन करने के साथ ही चर्चा कर तैयार किया गया था। संस्था द्वारा संपरीक्षा दल को योजनाओं के सत्यापन के सन्दर्भ में प्रशिक्षित किया गया तथा सत्यापन में तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया।