“मैं सेवानिवृत्त फौजी हूँ और पिछले 30 वर्षों से गजना की राजस्व भूमि पर काबिज रहते हुए खेती कर रहा हूँ। मेरे अलावा अन्य लोग भी वहां काबिज हैं। चूँकि मैं वन विभाग के गलत कार्यों का विरोध करता हूँ इसलिए दुर्भावनावश सिर्फ मेरे विरुद्ध फर्जी प्रकरण बनाया गया जिसकी जानकारी आपके माध्यम से मुझे मिल रही है। अगर में गलत होता तो इतने सालों से खेती कैसे कर पता ? मुझे पहले भी झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास हुआ है, जिसमें मैं निर्दोष साबित हुआ हूँ। वन विभाग के अधिकारियों के कारनामों को जल्दी ही उजागर करूँगा।”