हीरा पट्टी क्षेत्र की 3 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण के मामले में सपा नेता के खिलाफ वन अपराध दर्ज

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सांकेतिक फोटो।

* वन भूमि पर अवैध कटाई कर खेती करने और हीरा खदान खोदने का आरोप

* उत्तर वन मण्डल पन्ना के देवेन्द्रनगर वन परिक्षेत्र की गजना बीट का मामला

पन्ना। (www.radarnews.in) मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के उत्तर वन मण्डल अंतर्गत वन भूमि में बेशकीमती रत्न हीरे का अवैध उत्खनन एवं अतिक्रमण बड़ी समस्या बन चुका है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए वन विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में देवेन्द्रनगर वन परिक्षेत्राधिकारी एस. के. शेण्डे ने बड़ी कार्यवाही करते हुए समाजवादी पार्टी के नेता दशरथ सिंह यादव के विरूद्ध वन अपराध पंजीबद्ध किया है। वन विभाग का आरोप है कि सपा नेता दशरथ सिंह यादव निवासी ग्राम बड़ागांव ने देवेन्द्रनगर रेंज की बीट गजना के वन कक्ष क्रमांक पी-130 में करीब 3 हेक्टेयर वन भूमि में अतिक्रमण किया है और उक्त भूमि पर लगे 20 पेड़ों की अवैध रूप से कटाई की गई है। रेन्जर श्री शेण्डे ने जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले में वन परिक्षेत्र कार्यालय देवेन्द्रनगर में दशरथ सिंह यादव के खिलाफ पिछले माह वन अपराध क्रमांक 109/06 भारतीय वन संरक्षण अधिनियम 1927 की धारा 33 (1)क-ग के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है।
उल्लेखनीय है कि उक्त वन भूमि हीरा धारित पट्टी क्षेत्र अंतर्गत आती है। जिसमें कथित तौर पर खेती करने के अलावा अवैध रूप से हीरे की खदान खोदी जा रही है। गजना बीट में स्थित इस भूमि का विवाद करीब तीन वर्ष से जारी है। अतिक्रमणकारी उक्त भूमि को जहां अपने कब्जे राजस्व भूमि बताते है वहीं वन विभाग उस पर अपना दावा ठोकता रहा है। इस विवाद के पटाक्षेप करने के लिए दिनांक 05 अप्रैल 2018 को वन एवं राजस्व विभाग के अमले के द्वारा भूमि का संयुक्त रूप से सीमांकन कराया गया। वन विभाग के अमले को सीमांकन पर कुछ आपत्ती थी इसलिए विभाग की ओर से किसी भी अधिकारी-कर्मचारी ने सीमांकन प्रतिवेदन पर हस्ताक्षर नहीं किये थे। कथिततौर पर वन भूमि को सीमांकन में राजस्व भूमि बताये जाने पर तत्कालीन उप वनमण्डलाधिकारी साहिल गर्ग ने आपत्ती जताते हुए तहसीलदार पन्ना से स्पष्टीकरण मांगा था। वन और राजस्व विभाग के बीच गजना की भूमि को लेकर हुआ पत्राचार और गतिरोध उस समय प्रशासनिक हल्क़ों में कई दिनों तक चर्चा का विषय रहा है।

वन विभाग की टीम पर किया था हमले का प्रयास

गजना बीट की वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और वहां संचालित अवैध हीरा खदानों को बंद कराने के लिए करीब एक एक वर्ष पूर्व दिनांक 02 फरवरी 2019 को तत्कालीन वन मण्डलाधिकारी नरेश सिंह यादव के नेतृत्व में वन परिक्षेत्राधिकारी देवेन्द्रनगर अखिल बंशल, वन क्षेत्रपाल एस. के. शेण्डे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे थे। लेकिन इस दौरान कथित तौर पर वहाँ काबिज अतिक्रमणकारियों के द्वारा वन विभाग की टीम को खदेड़ते हुए हमले प्रयास किये जाने की चर्चा रही है। मौके पर हालात इतने बिगड़ चुके थे कि वन विभाग के अधिकारी किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से निकले थे। लेकिन वन विभाग के अधिकारियों ने इस घटना रिपोर्ट पुलिस थाना में दर्ज नहीं कराई थी।

इनका कहना है –

“मैं सेवानिवृत्त फौजी हूँ और पिछले 30 वर्षों से गजना की राजस्व भूमि पर काबिज रहते हुए खेती कर रहा हूँ। मेरे अलावा अन्य लोग भी वहां काबिज हैं। चूँकि मैं वन विभाग के गलत कार्यों का विरोध करता हूँ इसलिए दुर्भावनावश सिर्फ मेरे विरुद्ध फर्जी प्रकरण बनाया गया जिसकी जानकारी आपके माध्यम से मुझे मिल रही है। अगर में गलत होता तो इतने सालों से खेती कैसे कर पता ? मुझे पहले भी झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास हुआ है, जिसमें मैं निर्दोष साबित हुआ हूँ। वन विभाग के अधिकारियों के कारनामों को जल्दी ही उजागर करूँगा।”

– दशरथ सिंह यादव सपा नेता जिला पन्ना।

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