बीजेपी की नई टीम: जिला कार्यकारिणी में कई युवा चेहरों को मिला मौका, सामाजिक प्रतिनिधित्व पर उठे सवाल

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 21 सदस्यीय कार्यकारिणी में सवर्णों का दबदबा

 5 ब्राह्मण और 5 क्षत्रिय नेताओं को बनाया पदाधिकारी

  एससी के नेता हुए निराश, नहीं मिल सका स्थान

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) भारतीय जनता पार्टी जिला इकाई पन्ना की नई 21 सदस्यीय कार्यकारिणी की घोषणा जिला अध्यक्ष बृजेन्द्र मिश्रा द्वारा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से की गई। नई टीम में अनुभवी और जमीनी आधार वाले नेताओं के साथ कई युवा चेहरों को शामिल किया गया है। संगठन ने इसे संतुलित और प्रभावी कार्यकारिणी बताया है। अनुभव और युवा ऊर्जा के समन्वय के साथ नई टीम उतारने का दावा किया है, हालांकि सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर पार्टी के अंदर और बाहर चर्चा भी तेज हो गई है। घोषित कार्यकारिणी में सवर्ण वर्ग के नेताओं का दबदबा स्पष्ट नजर आता है। जारी सूची के अनुसार 21 में से 12 पद सवर्ण समाज से जुड़े नेताओं को मिले हैं, जिनमें 5 ब्राह्मण और 5 क्षत्रिय चेहरों के अलावा वैश्य और कायस्थ समाज से 1-1 प्रतिनिधि शामिल हैं। वहीं अनुसूचित जाति वर्ग (एससी) को इस बार जिला कार्यकारिणी में स्थान नहीं मिल पाया है, जिससे राजनीतिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं। जिले की तीन विधानसभा सीटों में से गुनौर सीट एससी के लिए आरक्षित है और वहां से भाजपा विधायक भी हैं। ऐसे में एससी वर्ग को प्रतिनिधित्व न मिलना संगठनात्मक संतुलन की दृष्टि से चर्चा का विषय बन गया है। जिला कार्यकारिणी में इस बार आधी आबादी यानी महिला नेत्रियों का प्रतिनिधित्व सिर्फ 4 पदों पर सिमट गया।

संतुलित कार्यकारिणी के चक्कर में असंतुलन

वर्तमान राजनीति में सामाजिक/जातिगत समीकरणों की अहम भूमिका को देखते हुए माना जा रहा था कि कार्यकारिणी गठन में व्यापक प्रतिनिधित्व का ध्यान रखा जाएगा। जिला अध्यक्ष बृजेन्द्र मिश्रा को संगठनात्मक प्रबंधन में कुशल माना जाता है, लेकिन इस सूची में कुछ वर्गों की अनुपस्थिति को लेकर पार्टी के भीतर ही धीमे स्वर में असंतोष की चर्चा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि घोषित सूची में पन्ना विधायक बृजेन्द्र प्रताप सिंह के करीबी माने जाने वाले नेताओं का प्रभाव अधिक दिखता है, जबकि गुनौर विधायक डॉ. राजेश वर्मा और पवई विधायक प्रहलाद लोधी खेमे के समर्थकों को अपेक्षाकृत कम अवसर मिला है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार एक महामंत्री, दो मंत्री और मीडिया प्रभारी से जुड़े कुछ पदों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण उन्हें फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। संभावना जताई जा रही है कि आगामी नियुक्तियों के जरिए सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश की जा सकती है।

मूल कार्यकर्ताओं पर भरोसा

पिछड़ा वर्ग से आने वाले बीजेपी के एक बड़े नेता ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर जिला कार्यकारिणी में सामाजिक असंतुलन पर असंतोष जताया है। उन्होंने तार्किक सवाल उठाते हुए कहा, पन्ना जिलाध्यक्ष व क्षेत्रीय सांसद वीडी शर्मा ब्राह्मण हैं और पन्ना विधायक क्षत्रिय समाज से आते है, इसके बाद भी 21 पदाधिकारियों वाली कार्यकारिणी में 10 पदों पर इन्हीं दोनों जातियों के नेताओं को नियुक्त करना क्या उचित है? उनका मानना अन्य छूटी हुई जातियों के सक्रिय व कर्मठ युवा नेताओं को अगर पदाधिकारी बनाया जाता तो कार्यकर्ताओं में अच्छा संदेश जाता। उन्होंने कहा कि, सामाजिक न्याय की मांग जब हर क्षेत्र में पुरजोर तरीके से उठाई जा रही उस समय तरह के मामले सामने आना निश्चित ही बेहद चिंताजनक है। एक सवाल के जवाब में बताया कि उनकी नजर में नई टीम की एक प्रमुख विशेषता यह है कि संगठन ने लंबे समय से सक्रिय, वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी है। बता दें कि, विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों के दौरान दलबदल कर भाजपा में आने वाले चेहरों को सूची में स्थान नहीं मिला है। इसे संगठन के ‘मूल भाजपाइयों’ पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है।

माधवेन्द्र को बनाया महामंत्री

भाजपा की नई जिला कार्यकारिणी के कुछ सकारात्मक और मजबूत पक्ष भी जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। एक प्रमुख पक्ष यह भी सामने आया है कि संगठन ने जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले नेताओं को तरजीह दी है। मजबूत जनाधार रखने वाले जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह (मद्धू राजा) को जिला महामंत्री बनाया जाना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। जिला उपाध्यक्ष बनाए गए सुशील त्रिपाठी योग्य, अनुभवी नेता माने जाते हैं। वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप मजूमदार को कार्यालय मंत्री बनाकर भाजपा ने पन्ना विधानसभा के अपने समर्पित बंगाली समुदाय के वोटरों को मैसेज दिया है। राजनीतिक जटिलताओं के साथ पब्लिक के मिजाज को भली-भांति समझकर रणनीति बनाने में माहिर मजूमदार की कार्यकुशलता से सभी परिचित हैं। वहीं पन्ना के व्यापार मंडल में प्रभावी दखल रखने वाले युवा नेता कमल लालवानी, संघर्षशील एवं सक्रिय भास्कर पाण्डेय को जिला उपाध्यक्ष नियुक्त करने के साथ अन्य कई क्षमतावान युवाओं को आगे लाने का काम किया है। पन्ना की पार्षद श्रीमती संगीता राय को जिला मंत्री बनाकर पार्टी ने जिला कार्यकारिणी में महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करते हुए उनकी सक्रियता को सम्मान दिया है।

किसे क्या जिम्मेदारी मिली

भाजपा जिला पन्ना की घोषित नई कार्यकारिणी में कई सक्रिय युवा चेहरों को स्थान मिला।
भारतीय जनता पार्टी जिला इकाई पन्ना की 25 फरवरी को जारी नई जिला कार्यकारिणी में महामंत्री पद पर माधवेंद्र सिंह (मद्धू राजा) और राजेन्द्र कुशवाहा को नियुक्त किया गया है। जिला उपाध्यक्ष के रूप में श्रीमती सुषमा आदिवासी, दीपेन्द्र सिंह, सुशील त्रिपाठी, कमल लालवानी, श्रीमती पूनम यादव, भास्कर पाण्डेय, शैलेन्द्र श्रीवास्तव और शैलेन्द्र सिंह राजपूत को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला मंत्री पद पर कमलेश लोधी, कौशल किशोर लोधी, अवध तिवारी, श्रीमती संगीता राय, श्रीमती विजय राजे और जगदीश पटेल को शामिल किया गया है। वित्तीय प्रबंधन की जिम्मेदारी दशरथ गुप्ता को कोषाध्यक्ष के रूप में दी गई है, जबकि नागेन्द्र सिंह और राकेश चौबे को सह-कोषाध्यक्ष बनाया गया है। कार्यालय संचालन की जिम्मेदारी प्रदीप मजूमदार को कार्यालय मंत्री और ध्रुव चौबे को सह-कार्यालय मंत्री के रूप में सौंपी गई है। नई जिला कार्यकारिणी के सामने संगठन को बूथ स्तर तक सशक्त करने, सामाजिक संतुलन बनाए रखने और आगामी चुनावी रणनीति को धार देने की चुनौती रहेगी। जहां एक ओर भाजपा ने अनुभव, प्रतिबद्धता और युवा ऊर्जा के मिश्रण के साथ टीम घोषित की है वहीं सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान किस तरह होता है, यह आगामी समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल नई कार्यकारिणी के गठन ने पन्ना में सत्ताधारी दल भाजपा की राजनीति में नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।