अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने युवा अधिवक्ता ने प्रशासन को भेजा लीगल नोटिस

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अधिवक्ता शैलेष विश्वकर्मा, जिला एवं सत्र न्यायालय पन्ना।

  हाईकोर्ट जाने की चेतावनी, पुलिस-आबकारी की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

पन्ना।(www.radarnews.in) जिले में गांव-गांव और गली-गली फैलते जा रहे अवैध शराब कारोबार को लेकर अब कानूनी स्तर पर बड़ा कदम उठाया गया है। जिला एवं सत्र न्यायालय पन्ना के युवा अधिवक्ता शैलेश विश्वकर्मा ने जिले में अवैध शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा शराब कारोबारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जिला कलेक्टर पन्ना, पुलिस अधीक्षक पन्ना एवं जिला आबकारी अधिकारी पन्ना को 15 दिवसीय मियादी लीगल नोटिस डाक के माध्यम से प्रेषित किया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि पन्ना जिले में आबकारी ठेकेदार द्वारा लाइसेंसी दुकानों से शराब उठाकर आसपास के गांवों और मोहल्लों में अवैध रूप से बिक्री कराई जा रही है। इस अवैध कारोबार से जहां एक ओर शासन के राजस्व को भारी क्षति पहुंच रही है, वहीं दूसरी ओर गांव-गांव में नशे का जाल फैलने से सामाजिक माहौल बिगड़ता जा रहा है और युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में जा रही है।

रोजनों लाखों का अवैध कारोबार

नोटिस के अनुसार जिले में प्रतिदिन लाखों रुपये की अवैध शराब बिक्री होने का अनुमान है। अधिवक्ता शैलेश विश्वकर्मा ने अपने नोटिस में यह भी उल्लेख किया है कि अवैध शराब के कारण गांवों में शांति भंग हो रही है, आए दिन विवाद, हंगामा और आपराधिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है, जिनका पारिवारिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

पुलिस-आबकारी की भूमिका पर उठे सवाल

नोटिस में यह भी आरोप लगाया गया है कि अवैध शराब बिक्री को लेकर पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका संदेह के घेरे में है। कई बार ग्रामीणों द्वारा शराब तस्करी करते हुए ठेकेदारों के गुर्गों को पकड़ा गया, जिसके वीडियो भी सामने आए, बावजूद इसके प्रभावी और समान कार्रवाई नहीं की जा रही। आरोप है कि कार्रवाई केवल चुनिंदा लोगों पर होती है, जबकि ठेकेदारों से जुड़े अवैध नेटवर्क पर कठोर कार्रवाई से परहेज किया जा रहा है। अधिवक्ता शैलेश विश्वकर्मा ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिवस की अवधि में अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय जबलपुर अथवा अन्य सक्षम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए स्वतंत्र होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदेही संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी। गौरतलब है कि पन्ना जिले में अप्रैल 2025 से अवैध शराब कारोबार को लेकर हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। ऐसे में लीगल नोटिस के माध्यम से उठाया गया यह कदम प्रशासन के लिए एक कड़ी चेतावनी माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस नोटिस के बाद क्या ठोस कार्रवाई करता है।