पवित्र रिश्ता हुआ कलंकित, चाची को भगा ले गया था भतीजा, महिला को चरित्रहीन बताकर पति ने रखने से किया इंकार

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सांकेतिक फोटो।

* सामाजिक पंचायत के फैसले से तय होगा पति-पत्नी के रिश्ते का भविष्य

* महिला का आरोप, बेहोशी की दवा खिलाकर भतीजा ले गया था सूरत

* पति का दावा, उसे फोन पर अपनी मर्जी से भतीजे संग भागने की दी थी सूचना

* सूरत से वापस लौटने के बाद मायके में रहने को मजबूर है दो बच्चों की माँ

* भतीजे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस थाना के चक्कर काट रही महिला

पन्ना/सलेहा । (www.radarnews.in) समाज के नैतिक पतन और बढ़ती संस्कारहीनता के कारण रिश्तों की मर्यादा तार-तार हो रही है। फलस्वरूप अनाचार तेजी से फ़ैल रहा है। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के सलेहा थाना क्षेत्र की घटना इसका एक उदाहरण मात्र है। माँ-बेटे के सामान चाची-भतीजे के पवित्र रिश्ते को कलंकित करते हुए यहाँ एक नवयुवक अपनी चाची को भागकर सूरत ले गया। कुछ दिन बाद जब महिला वापिस अपने घर लौटी तो उसके पति ने चरित्रहीनता का आरोप लगाते हुए उसे अपने साथ रखने से इंकार कर दिया। पवित्र रिश्तों को कलंकित करने और विशवास का घोंटने वाली यह घटना सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है। यह घिनौनी घटना समूचे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी है। महिला सरिता चौधरी 28 वर्ष का आरोप है कि भतीजा कल्याण चौधरी पुत्र विशाल चौधरी (सभी परिवर्तित नाम) 20 वर्ष उसे प्रसाद के बहाने बेहोशी की दवा खिलाकर अपने साथ ले गया था।
सांकेतिक फोटो।
यह घटना तब हुई जब वह कुछ दिन पूर्व नागौद जिला सतना में रहने वाली अपनी सहेली के घर जा रही थी। ट्रेन से सूरत पहुँचने पर होश में आने बाद वह वापस अपने गाँव लौट आई। फिलहाल मायके में रह रही दो बच्चों की माँ की इस कहानी के उलट उसके पति राजू चौधरी (परिवर्तित नाम) का दावा है कि वह अपनी मर्जी से ही भतीजे के साथ भागी थी। इसकी जानकारी सरिता ने स्वयं उसे कॉल करके फोन पर दी थी। भतीजे कल्याण और पत्नी के बीच कथिततौर पर नाजायज़ सम्बंध होने और दोनों के सूरत भागने के कारण चौतरफा बदनामी का दंश झेल राजू ने सरिता को फिलहाल अपने साथ रखने से साफ इंकार कर दिया है।
सांकेतिक फोटो।
अपने माता-पिता के घर पर रह रही सरिता चौधरी के साथ राजू के दाम्पत्य जीवन का भविष्य अब सामाजिक पंचायत के फैसले पर टिका है। राजू के अनुसार पत्नी को आगे साथ रखने अथवा न रखने के सम्बंध उसके समाज के प्रमुख लोग जो भी फैसला लेंगे वह उसे स्वीकार होगा। उधर, सरिता का का कहना है कि राजू ने उसे पुनः रखने को लेकर भतीजे कल्याण के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की शर्त रखी है। वैसे भी उसने मेरे साथ विश्वासघात किया है। मैं तो उसे बेटे की तरह मानती थी, लेकिन वह मुझ पर गलत नजर रखता था। उसकी वजह से मेरा परिवार-बच्चे तक छूटने की नौबत आ चुकी है। सुनीता ने बताया कि पिछले एक पखवाड़े में तीन बार सलेहा थाना जाकर रिपोर्ट लिखवाने लिए वह प्रधान आरक्षक और तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार दुबे से मिली लेकिन कार्यवाही करने का कोरा आश्वासन देकर उसे हर बार लौटा दिया गया। रिपोर्ट दर्ज कराने भटक रही महिला सलेहा थाना पुलिस के इस रवैये से काफी परेशान है।

इनका कहना है –

“मेरी पदस्थापना कुछ दिन पूर्व ही सलेहा थाना में हुई है। इस प्रकरण के सम्बंध में मुझे पता चला है कि महिला के लापता होने पर थाना में गुम इंसान का प्रकरण कायम हुआ था, महिला के मिलने(दस्तयाब होने) पर उसने अपनी मर्जी से जाने के बयान दर्ज कराए थे। इसलिए उसके साथ गए भतीजे के खिलाफ पूर्व में कोई कार्यवाही नहीं की गई। अब यदि महिला पुनः शिकायत करती है तो उसकी जाँच उपरांत आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।”

– निरंकार सिंह, थाना प्रभारी सलेहा जिला पन्ना।

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