बुजुर्गों के हृदय से निकली दुआएं सोने-चांदी से भी अधिक मूल्यवान: ब्रह्माकुमारी

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प्रजापिता ईश्वरीय विश्वविधायलय के राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पन्ना के द्वारा वृद्ध आश्रम पन्ना में गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन अभियान के तहत बुजुर्गों के सम्मान में गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

*     वृद्धा आश्रम और ब्रह्माकुमारी विद्यालय पन्ना में हुए सम्मान समारोह

*     गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन अभियान के तहत आयोजन

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) बुजुर्ग हमारी अमूल्य धरोहर हैं और उनके हृदय से निकली दुआएं किसी भी भौतिक संपत्ति से कहीं अधिक मूल्यवान होती हैं। यह विचार ब्रह्माकुमारी विद्यालय पन्ना द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में संस्था की प्रमुख बीके सीता बहनजी ने व्यक्त किए। “गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन” अभियान के अंतर्गत ब्रह्माकुमारी विद्यालय पन्ना की ओर से वृद्धजनों के सम्मान में दो प्रेरणादायक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
पहला कार्यक्रम वृद्धा आश्रम (सीनियर सिटीजन होम) पन्ना में संपन्न हुआ, जिसकी शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं प्रभु स्मृति के साथ की गई। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहन जी द्वारा सभी वृद्धजनों का तिलक एवं फूलमालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से वृद्ध आश्रम की संचालिका श्रीमती डॉ. दुर्गा त्रिपाठी, पूर्व प्राचार्य श्रीमती निशा जैन, बुद्ध सिंह (गायत्री परिवार), महेश जैन, कैलाश सोनी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

अनुभवों की अमूल्य पूंजी हैं बुजुर्ग

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीके सीता बहन ने कहा कि बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं और उनके आशीर्वाद दुआओं का अथाह सागर हैं। उनके हृदय से निकली दुआएं सोने-चांदी जैसी संपत्ति से कई गुना अधिक मूल्यवान होती हैं। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग छायादार वृक्षों के समान होते हैं और ऐसे वृक्षों को क्षति पहुँचाना स्वयं को कमजोर करने जैसा है। सीता बहन ने कहा कि बुजुर्गों के साथ समय बिताना अत्यंत लाभकारी होता है, लेकिन आज समाज में उनके सम्मान में कमी और अभियानों की औपचारिकता बढ़ती जा रही है, जो हमारी सामाजिक कमजोरी का कारण बन रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वृद्धावस्था कोई बोझ नहीं बल्कि अनुभवों की अमूल्य पूंजी है। ध्यान, मेडिटेशन, सकारात्मक चिंतन एवं आध्यात्मिक मूल्यों के माध्यम से ही वरिष्ठ नागरिकों का जीवन सुखमय, स्वस्थ एवं गरिमामय बनाया जा सकता है। वृद्धा आश्रम की संचालिका डॉ. दुर्गा त्रिपाठी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से वृद्धजनों में उमंग, उत्साह, खुशी और आत्मिक शांति का संचार होता है। वृद्धा आश्रम में रह रहे वरिष्ठजनों ने भी अपने जीवन अनुभव साझा किए।

नई पीढ़ी में संस्कार जागृत करने की जरुरत

दूसरा कार्यक्रम प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र पन्ना में आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती डॉ. उमा त्रिपाठी उपस्थित रहीं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज की नई पीढ़ी में संस्कार और बड़ों के प्रति सम्मान की भावना जागृत करने में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि एक-दूसरे को समझकर चलने से ही परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है। कार्यक्रम में नगर पालिका उपाध्यक्ष श्रीमती आशा गुप्ता, महेश जैन, रामेश्वर प्रसाद, प्रभु दयाल तिवारी सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों को ईश्वरीय प्रसाद एवं भेंट प्रदान की गई।