MP News: प्रधानमंत्री मोदी ने मन की बात में पन्ना के वनरक्षक जगदीश प्रसाद के ‘औषधीय ज्ञान’ को सराहा

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दक्षिण वन मण्डल पन्ना के वनरक्षक जगदीश प्रसाद अहिरवार ने कई महीनों की मेहनत वन औषधियों की पहचान कर उनका दस्तावेजीकरण किया।

*     वनरक्षक ने 130 वन औषधियों की खोज कर किया दस्तावेजीकरण

*     पीएम ने सोशल मीडिया एक्स पर साझा किया जगदीश का वीडियो

*     एक अन्य वनरक्षक वीरेन्द्र भी संकलित कर चुके हैं पक्षियों की विविधता

शादिक खान, पन्ना।(www.radarnews.in) जंगलों की खामोशी में महीनों से सहेजी जा रही औषधीय विरासत सोमवार को देशभर में गूंज उठी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में पन्ना जिले के एक साधारण वनरक्षक के असाधारण कार्य का उल्लेख किया। मध्य प्रदेश के दक्षिण पन्ना वनमंडल में पदस्थ बीट गार्ड जगदीश प्रसाद अहिरवार के प्रयासों की प्रधानमंत्री द्वारा महत्वपूर्ण मंच से सराहना के बाद वे देखते ही देखते चर्चा के केंद्र में आ गए। प्रधानमंत्री ने न सिर्फ रेडियो कार्यक्रम में उनका जिक्र किया, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा कर उनके कार्य को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जंगलों में पाए जाने वाले औषधीय पौधों की जानकारी को सहेजकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का जगदीश अहिरवार का प्रयास बेहद सराहनीय है। कई महीनों की मेहनत से संकलित इस जानकारी पर आधारित पुस्तक आज शोधकर्ताओं, छात्रों और वन अधिकारियों के लिए उपयोगी संदर्भ बन चुकी है।
किताब बनी मिसाल
बीट गार्ड जगदीश प्रसाद द्वारा जुटाई गई जानकारी के आधार पर दक्षिण वन मण्डल पन्ना द्वारा वन औषधियों पर आधारित पुस्तक प्रकाशित कराई गई।
दक्षिण वन मण्डल पन्ना की मोहन्द्रा रेंज में बतौर बीट गार्ड पदस्थ जगदीश प्रसाद अहिरवार ने जंगलों में पाए जाने वाले 130 औषधीय पौधों की पहचान कर उनका व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार किया। हर पौधे की तस्वीर, नाम, औषधीय उपयोग और मिलने के स्थान की जानकारी उन्होंने स्वयं संकलित की। वन विभाग ने इस सामग्री को “दक्षिण पन्ना के महत्वपूर्ण औषधीय पौधे” नामक पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया, जिसमें विदारीकंद, सर्पगंधा, काली मूसली, शतावर जैसी बहुमूल्य प्रजातियों का विस्तृत विवरण शामिल है। यह पुस्तक आज वनकर्मियों के प्रशिक्षण और ग्रामीण स्तर पर जागरूकता के लिए एक अहम साधन बन चुकी है।प्रधानमंत्री की सराहना के बाद पन्ना के वन विभाग में उत्साह का माहौल है और यह कहानी इस बात की मिसाल बन गई है कि जंगल की पगडंडी से शुरू हुई मेहनत भी देश के सबसे बड़े मंच तक पहुंच सकती है।
मेहनत से मिली पहचान
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।
प्रधानमंत्री ने मन की बात में उल्लेख किया कि गश्त के दौरान जगदीश अहिरवार ने महसूस किया कि जंगलों में मौजूद औषधीय पौधों की जानकारी कहीं भी व्यवस्थित रूप से दर्ज नहीं है। इसी सोच ने उन्हें इसे सहेजने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया। सवा सौ से अधिक पौधों की पहचान और उनका दस्तावेजीकरण कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि जमीनी स्तर पर किया गया ईमानदार काम भी राष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकता है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी प्रधानमंत्री मन की बात में पन्ना जिले के अजयगढ़ किले का जिक्र कर चुके हैं।
जैव विविधता का खजाना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में बीट गार्ड जगदीश प्रसाद के प्रयास की सराहना करने के बाद दक्षिण वन मण्डल कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित की।
दक्षिण वन मण्डल पन्ना में जैव विविधता को सहेजने के प्रयास केवल औषधीय पौधों तक सीमित नहीं हैं। वनरक्षक वीरेंद्र पटेल ने वन परिक्षेत्र कल्दा में पाई जाने वाली लगभग 100 पक्षी प्रजातियों का फोटोग्राफिक प्रलेखन कर ‘कल्दा के पक्षी’ नामक पुस्तक तैयार की है, जिसमें कई दुर्लभ प्रजातियां शामिल हैं। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता अजय चौरसिया ने क्षेत्र की रंग-बिरंगी तितलियों का दस्तावेजीकरण किया, जबकि सचिन मिश्रा द्वारा संकलित वनस्पतियों की जानकारी को ‘कल्दा क्षेत्र की वनस्पतियां’ नामक पुस्तक के रूप में प्रकाशित कराया गया।
यह क्षण अकल्पनीय, अविस्मरणीय है: जगदीश
बीट गार्ड जगदीश प्रसाद अहिरवार।
“मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी से अपना नाम और कार्य की सराहना सुनना मेरे लिए अद्भुत, अकल्पनीय और अविस्मरणीय क्षण है। इससे यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि ईमानदारी से किया गया जमीनी कार्य पहचाना जाता है। इसका श्रेय डीएफओ सर को जाता है, जिनके मार्गदर्शन, प्रेरणा और सहयोग से संकलित औषधीय पौधों की जानकारी पुस्तक के रूप में सामने आने पर स्थानीय स्तर पर चर्चा में आ सकी। प्रधानमंत्री जी के द्वारा मेरे काम का उल्लेख करना मेरे लिए गर्व की बात है। यह सम्मान अकेले मेरा नहीं बल्कि पूरे वन विभाग का है। यह हमें और बेहतर तरीके से जंगल, वन्यजीव और पर्यावरण की रक्षा के लिए प्रेरित करेगा।”
जिले के साथ प्रदेश के लिए गर्व का विषय : डीएफओ
दक्षिण पन्ना वनमंडल के डीएफओ अनुपम शर्मा ने कहा कि- “औषधीय पौधों, पक्षियों, तितलियों और वनस्पतियों पर आधारित ये सभी पुस्तकें क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का प्रामाणिक दस्तावेज हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा मन की बात कार्यक्रम में दक्षिण वन मंडल पन्ना के एक वनरक्षक के कार्यों की सराहना करना वन मंडल के साथ समूचे पन्ना जिले और प्रदेश के वन विभाग के लिए गर्व का विषय है। प्रधानमंत्री जी से मिली प्रशंसा हमारे प्रयासों को मिला सबसे बड़ा पुरुष्कार है। इसके बाद हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। इससे मैदानी कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है और वन एवं वन्यजीव संरक्षण के कार्यों को अधिक गंभीरता से आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली है। उन्होंने बताया कि इससे यह स्पष्ट होता है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले वनकर्मियों की पहल भी राष्ट्रीय पहचान बना सकती है। आगामी समय में वनमंडल में कीट प्रजातियों के दस्तावेजीकरण का कार्य भी शुरू किया जाएगा।”