मध्यप्रदेश: आदिवासी की जमीन हड़पने के मामले में कांग्रेस नेता श्रीकांत दीक्षित गिरफ्तार, जेल भेजा

0
1775
पुलिस अभिरक्षा में कोतवाली थाना पन्ना से जिला अस्पताल के लिए रवाना होते कांग्रेस नेता श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित। (हुडी जैकेट पहने)

*    दो आदिवासी महिलाओं की शिकायत पर जांच के बाद दर्ज हुआ था आपराधिक प्रकरण

*     सीने में दर्द की शिकायत पर रात्रि में जेल से जिला अस्पताल लाकर कराया भर्ती

*     गिरफ्तारी की कार्रवाई शहर में बनी चर्चा का विषय, मामले में अन्य आरोपी फरार

पन्ना।(www.radarnews.in) बेबस और लाचार आदिवासी महिलाओं की बेशकीमती भूमि को हड़पने के मामले में पुलिस ने खनिज ठेकेदार एवं प्रदेश कांग्रेस के पूर्व महामंत्री श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा कर दो आदिवासी महिलाओं की पैतृक भूमि को क्रय करके अपने नाम पर नामांतरण कराने के आरोप में पुलिस ने गुरुवार 15 जनवरी 2026 की सुबह पप्पू को उनके घर से गिरफ्तार कर शाम को न्यायालय में पेश किया। जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने के आदेश दिए गए। न्यायालय के आदेश पर अमल करते हुए पुलिस ने आरोपी को देर शाम जिला जेल में दाखिल करा दिया। जमीन हड़पने के इस बहुचर्चित मामले में कोतवाली थाना पन्ना में श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित समेत 3 आरोपियों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471, 419, 409, 34 आईपीसी एवं अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम 1989 की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध है। मामले में शामिल अनुपम त्रिपाठी निवासी इंद्रपुरी कॉलोनी पन्ना सहित अन्य आरोपी फरार हैं, जबकि एक आरोपी राजाराम सौंर निवासी जैतूपुरा की वर्ष 2023 में मृत्यु हो चुकी है। कांग्रेस नेता पप्पू को गिरफ्तार करने
की कार्रवाई पन्ना एसडीओपी एसपी सिंह के बघेल के नेतृत्व वाली पुलिस टीम के द्वारा की गई।

यह है पूरा मामला

पन्ना जिला मुख्यालय से लगे मनौर ग्राम की दो आदिवासी महिलाओं ने कांग्रेस नेता श्रीकांत उर्फ़ पप्पू दीक्षित और अनुपम त्रिपाठी पर उनकी 2 हेक्टेयर पैतृक कृषि भूमि को फर्जीवाड़ा करते हुए अवैध तरीके से क्रय कर कब्जाने का आरोप लगाया था। फरियादिया संतोष रानी गौंड़ पुत्री स्वर्गीय जगोला आदिवासी 50 वर्ष निवासी ताखौरी थाना रैपुरा ने इस मामले की शिकायत दिनांक 25 सितंबर 2025 कोतवाली थाना पन्ना में दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसके पिता जगोला गौंड़ की मृत्यु हो चुकी है। मां मलन बाई नेत्रहीन है। परिवार में केवल दो बहनें हैं, कोई भाई नहीं है। इसके बावजूद एक व्यक्ति राजाराम सौंर निवासी जैतूपुरा थाना अमानगंज ने फर्जी तरीके से स्वयं को मेरे पिता का एकमात्र पुत्र बताकर मनौर ग्राम में स्थित हमारी पैतृक आराजी भूमि खसरा नंबर 148/4 रकवा 2.000 हेक्टेयर का फौती नामांतरण अपने नाम पर करा लिया है। पूर्व में इस प्रकरण की अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना द्वारा की गई जांच में कई बेहद चौंकाने वाले तथ्य उजागर हुए थे। जांच प्रतिवेदन में यह बात सामने आई कि श्रीकांत उर्फ पप्पू ने अपने मित्र अनुपम त्रिपाठी के साथ मिलकर कथित तौर पर राजराम सौंर निवासी जैतपुरा को उनके माता पिता एकमात्र पुत्र दर्शाया। इसके आधार पर राजाराम से मनौर ग्राम की 2 हेक्टेयर कृषि भूमि क्रय करके अपने नाम पर नामांतरण करा लिया। इसी आधार पर पुलिस के द्वारा पप्पू दीक्षित, अनुपम त्रिपाठी और राजाराम सौंर के विरुद्ध कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 824/2025 पंजीबद्ध कर मामले को जांच में लिया था।

पिता के मिलते-जुलते नाम के आधार किया फर्जीवाड़ा

खनिज ठेकेदार एवं कांग्रेस नेता पप्पू उर्फ़ श्रीकांत दीक्षित।
कुसुम रानी गौंड़ व संतोष रानी पुत्री स्वर्गीय जगोला गौंड़ द्वारा फर्जीवाड़े की पहली शिकायत कलेक्टर पन्नासे की गई थी। जिसमें बताया गया कि, ग्राम जैतूपुर तहसील अमानगंज निवासी एक फर्जी व्यक्ति द्वारा अपने एवं हमारे पिता के मिलते-जुलते नाम का फायदा उठाया गया है और हमारा भाई एवं माता-पिता का एक मात्र फर्जी पुत्र बनाकर फर्जी तरीके से हमारी जमीन अनुपम त्रिपाठी एवं श्रीकांत दीक्षित द्वारा क्रय की गई। पूर्व कलेक्टर सुरेश कुमार ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना से जांच प्रतिवेदन मंगाया था। जांच में खुलासा हुआ कि, शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत शिकायत पत्र और संलग्न दस्तावेज शपथ पत्र में उल्लेख है कि उनके पिता की ग्राम मनौर स्थित भूमि खसरा नंबर 148/4 रकवा 2.000 हेक्टेयर को अनुपम एवं श्रीकांत ने जैतुपुरा के एक फर्जी व्यक्ति राजाराम को आवेदिकाओं का भाई और उनके माता पिता का फर्जी पुत्र बनाकर जमीन अवैध तरीके से क्रय की गई, जबकि दोनों बहनों के संलग्न शपथ पत्र में लेख है कि हमारा कोई भाई नहीं है। आवेदिकाओं के निकट संबंधी एवं दो साक्षियों के प्रस्तुत शपथ पत्र में भी इस बात का उल्लेख है कि दिवंगत पिता की केवल दो पुत्रियां है एवं कोई भाई नहीं है। उक्त खसरा नंबर की भूमि को कुछ लोगों ने धोखाध़ड़ी करके ट्रांसफर करवा ली है। इनमें राजाराम सौंर सहित श्रीकांत दीक्षित एवं अनुपम त्रिपाठी शामिल हैं। शपथ पत्रों में यह भी लेख है कि श्रीकांत दीक्षित एवं रामलखन त्रिपाठी ने इस फर्जी कार्य के लिए राजाराम को 35 हजार रूपए दिए थे।

नामांतरण प्रक्रिया पर भी उठाए थे सवाल

पन्ना एसडीएम ने अपनी जांच में ग्राम मनौर की नामांतरण पंजी प्रविष्टि क्रमांक 10 पर तहसीलदार पन्ना द्वारा पारित आदेश की प्रति के संबंध में मूल नामांतरण पंजी से मिलान की कार्यवाही की गई। इस दौरान पाया गया कि यह प्रविष्टि हल्का पटवारी द्वारा खसरा नंबर के खातेदार की 15 वर्ष पूर्व मृत्यु और उनकी पत्नी 10 वर्ष पूर्व फौत होना लेखकर उनके फर्जी पुत्र के पक्ष में नामांतरण किए जाने के संबंध में दर्ज की गई थी। तहसीलदार पन्ना द्वारा मृतक के स्थान पर वारिश के नाम नामांतरण स्वीकृत किया गया। मूल नामांतरण पंजी के साथ उद्घोषणा पत्र चस्पा है, किंतु तामीली, मुनादी या प्रकाशन कराने संबंधी कोई रिपोर्ट इसमें अंकित नहीं है। दिनांक 9 नवम्बर 2020 की नकल अनुसार पंजीकृत विक्रय पत्र 05 सितंबर 2020 के आधार पर श्रीकांत दीक्षित एवं अनुपम त्रिपाठी के पक्ष में स्वीकृत किया गया है। इस मामले में दस्तावेजों के अवलोकन उपरांत पाया गया कि उक्त भूमि जगोला पिता बल्दुआ गौड़ निवासी मनौर के नाम दर्ज रही है, जबकि जैतुपुरा निवासी राजाराम आदिवासी गौड़ नहीं बल्कि सौंर जनजाति के हैं। कलेक्टर न्यायालय द्वारा प्रकरण में कुछ माह पूर्व निर्णय पारित करते हुए तहसीलदार पन्ना का 28 जुलाई 2018 का आदेश निरस्त कर उक्त आराजी मूल भूमि स्वामी जगोला गौड़ पिता बल्दुआ के वैध वारिसों के नाम पुनः दर्ज करने का आदेश दिया गया। साथ ही फर्जीवाड़ा करने वाले क्रेताओं के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई हेतु लेख किया था। इसी आधार पर पुलिस ने संतोष रानी की शिकायत पर कांग्रेस नेता पप्पू दीक्षित, अनुपम त्रिपाठी और राजाराम सौंर के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध किया था।

जेल से अस्पताल लाकर कराया भर्ती

पप्पू दीक्षित को गिरफ्तार करने की खबर आने के बाद कोतवाली थाना में भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
आदिवासी महिलाओं की जमीन हड़पने के मामले में कई दिनों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी खनिज ठेकेदार एवं कांग्रेस नेता श्रीकांत उर्फ़ पप्पू दीक्षित को पुलिस द्वारा गुरुवार को गिरफ्तार करने की खबर आने के बाद बड़ी संख्या में उनके परिचित, समर्थक, कांग्रेस-भाजपा नेता और विप्र समाज के लोगों का हुजूम कोतवाली थाना में उमड़ पड़ा। गिरफ़्तारी की दस्तावेजी कार्रवाई के चलते कोतवाली थाना में काफी देर लोगों और स्थानीय मीडिया का जमावड़ा लगा रहा। शाम को पुलिस वाहन से मेडिकल परीक्षण के लिए पप्पू को जब जिला अस्पताल लाया गया तो कोतवाली थाना में जमा भीड़ पीछे-पीछे वहां भी पहुंच गई। इस दौरान काफी गहमा-गहमी भरा माहौल रहा। देर शाम उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान न्यायालय परिसर में भी काफी भीड़-भाड़ देखी गई। न्यायालय के आदेश पर देर शाम पप्पू को जिला जेल भेज दिया गया। जहां लगभग डेढ़ घंटे बाद सीने में दर्द, घबराहट होने की शिकायत पर डॉ. आरके ठाकुर ने जेल पहुंचकर उसका परीक्षण किया। और फिर डॉक्टर की सलाह पर बेहतर उपचार के लिए रात्रि में करीब 9.30 बजे प्रहरियों द्वारा जेल से जिला अस्पताल ले जाकर लाकर भर्ती कराया गया। समाचार लिखे जाने तक पप्पू दीक्षित का जिला अस्पताल में उपचार जारी था।